30.12.03

realpath(1)

ये रियलपाथ किस चिड़िया का नाम है? बी ऍस डी पर है, रॅडहॅट पर नहीं है। क्या मुसीबत है। क्यों मरवाते हो यार अच्छे भले बन्दों को। इसकी वजह से इण्डिक कम्प्यूटिङ्ग हैण्डबुक कम्पाइल नहीं हो रही। रहम, आका, रहम।

27.12.03

पोऍडिट, बढ़िया है।

पोऍडिट अनुवाद करने के लिए अच्छा अस्त्र है। इसमें क्या क्या हो सकता है देखना है।

फ़ाइल प्रणाली में भ्रमण

आज - नहीं कल - इस पन्ने का अनुवाद समाप्त किया। अर्से से लटका हुआ था। कोई त्रुटि मिले तो बताएँ। वैसे आप चाहें तो इस पुस्तक के अनुवाद में योगदान भी दे सकते हैं।

17.12.03

बल्सा में छँटनी के नियम

ढूँढ रहा था इनको। सुधारें -> फ़िल्टर में फ़िल्टर डाल के तो कुछ हुआ नहीं अब .procmailrc में कुछ पङ्क्तियाँ डाली हैं। देखते हैं क्या होता है। साथ ही देखना है कि हिन्दी के शब्दों के आधार पर छँटनी होती है या नहीं।

15.12.03

बल्सा - दो जगह मुद्रलिपियाँ बदलनी होती हैं क्या?

यहाँ पर सूची में व नीचे सूचना पट्टी में एक मुद्रलिपि है और विपत्र के मसले में दूसरी मुद्रलिपि है। इस दूसरी मुद्रलिपि को बदलने के लिए क्या करें?

14.12.03

विण्डोज़ २००० सर्विस पॅक २ की सी डी

अग़र आपके पास है और आप बङ्गलोर में हैं तो मुझपर थोड़ा रहम करें। थक गया मैं ब्लास्टर वाइरस से। अभी विण्डोज़ पार्टिशन एकदम बर्बाद हो चुका है। लिनक्स पर ही काम हो पाता है। वाइरस( या वर्म ?) के पॅच के लिए सर्विस पॅक २+ चाहिए नहीं तो पॅच लगता ही नहीं। क्या करें। ब्लास्टर की वजह से विण्डोज़ अप्डेट भी नहीं हो पा रहा है। बस सीडी ही एक निदान है।

13.12.03

वर्णमाला, संयुक्ताक्षरों के साथ

ज़रूरत है एक बारहखड़ी की, जिसमें सभी संयुक्ताक्षर, उनके सभी रूपों के साथ हों। अक्सर लोग पूछते हैं कि किसी भी हिन्दी मुद्रलिपि में कम से कम कितने संयुक्ताक्षर होने चाहिए। लेकिन उन्हें जवाब नहीं मिल पाता। दूसरा सवाल होता है कि इस संयुक्ताक्षर में कौन कौन से अक्षर हैं? और तीसरा यह कि यह संयुक्ताक्षर मराठी में भी चलेगा क्या, नेपाली में भी चलेगा क्या आदि। तो इस टण्टे को खत्म करते हुए एक संयुक्ताक्षरों की चैत्रिक सूची, वर्णनों के साथ बना दी जाए। इसमें क्या क्या होगा? अङ्क, ० से ९ स्वर सादे अक्षर, जैसे क्, ख् व्यञ्जन, मात्राओं के साथ, जैसे कि कै संयुक्ताक्षर, दो अक्षर वाले जैसे क्त्, ल्र् संयुक्ताक्षर, दो अक्षर वाले, मात्राओं के साथ जैसे क्तौ भ्रो संयुक्ताक्षर, तीन अक्षर वाले जैसे स्त्र्, क्ल्य् संयुक्ताक्षर, तीन अक्षर वाले जैसे स्त्र, क्ल्य संयुक्ताक्षर, तीन अक्षर वाले, मात्राओं के साथ जैसे स्त्री, क्ल्यो संयुक्ताक्षर, चार अक्षर वाले, जैसे र्ष्ठ्य्, क्स्प्ल संयुक्ताक्षर, चार अक्षर वाले, मात्राओं के साथ जैसे र्ष्ठ्यै, क्स्प्लो संयुक्ताक्षर, पाँच अक्षर वाले? अभी सोचा नहीं उतना। काफ़ी समय लगेगा इनमें लेकिन यह करने लायक चीज़ है। इसके बाद यह निर्णीत करना होगा कि हर भाषा के लिए कौन से संयुक्ताक्षर अनिवार्या हैं, कौन से वाञ्छित हैं, और कौन से अस्वीकार्य हैं। इतना ही नहीं, संयुक्ताक्षर का कौन सा रूप प्रचलित है, यानी कि एक ही संयुक्ताक्षर के हरेक रूप का वर्णन होगा। तो होते हैं नौ दै ग्यारह यह काम करने का लिए।

12.12.03

मात्राओं की ग़लतियाँ?

जी नहीं, इस चिट्ठे पर कोई मात्राओं की ग़लतियाँ नहीं हैं। कम से कम उतनी तो नहीं हैं कि भरी सभा में उनका उल्लेख किया जाए। आपको यह चिट्ठा ऐसा दिखना चाहिए। सही जवाब यदि आपको ऐसा नहीं दिख रहा है तो कृपया यहाँ देखें

एक अच्छी शुरुआत

भारतीय भाषाओं में सङ्गणन के बारे में स्थल। वैसे किसी भी भारतीय भाषा में कुछ भी मसला तो यहाँ नहीं है, और एक महोदया का कहना है कि इसकी वजह से मैं भारतीय भाषाओं को और बेहतर तरह से जान पाई। ताज्जुब है। यहाँ लिखी एक बात पसन्द आई कि सङ्गणक की भाषा तो ० और १ ही है। भइया रॅडमण्ड जाने वाले को अङ्ग्रेज़ी जानना ज़रूरी है, प्रतियोगिता की घोषणा और किसी भाषा में नहीं है। बल्कि, स्थल पर एक भी पन्ना किसी भारतीय भाषा में नहीं है। दॅट्स व्हाय इट्स कॉल्ड भाषा इण्डिया नो। भाषा इण्डिया

11.12.03

मोज़िला सी टी ऍल

इसका पन्ना तैयार हो गया है। चलो शुक्र है अब सारी जानकारी एक जगह पर मिलेगी।

4.12.03

मूवेबल टाइप किस खेत की मूली है?

पता करना है। अग़र इसकी मदद से अपने यन्त्र पर ही सन्देश लिखे जा सकें, जाल पर न जाना पड़े, तो काम की चीज़ होगी। आख़िर यह है क्या?

3.12.03

इण्डिक यूनिकोड डाकसूची के पुरालेख

पुरालेख तो मिल गए। ज़्यादा हलचल नहीं है इस डाकसूची पर लोकिन है दिलचस्प। यहाँ पर प्रयोक्ता नाम है यूनिकोड डॅश ऍम ऍल, और प्रवेश शब्द है यूनिकोड, दोनो अङ्ग्रेज़ी अक्षरों में।

2.12.03

इण्डिक यूनिकोड

इण्डिक यूनीकोड की डाक सूची है यह। देखते हैं कैसी चर्चा होती है इधर।

एरिक म्युलर

एरिक म्युलर जी चाहते हैं कि कोई उनके लेखन को पढ़ के उसकी त्रुटियाँ बताने का कष्ट करे। दरअसल यह मानव अधिकारों की सार्वभौम घोषणा का यूनिकोडित रूप है। म्युलर जी का विपत्र तो मुझे पता नहीं। वैसे मुझे उसी पन्न पर "उत्तरी हवा और सूरज" वाली कहानी में एक त्रुटि मिली, उत्तर को उत्तॅर लिखा है। बहुत हुई मीन मेख, अब होते हैं नौ दो ग्यारह।