7.12.04

महावीर

महावीर शर्मा जी की कविताएँ। इनकी एक तस्वीर भी है। वैसे ये अनुभूति वाले यूनिकोडित कब होंगे? पता नहीं।

1 टिप्पणी:

  1. आलोक कुमार जी
    मेरी कविता पर प्रतिक्रिया के लिये बहुत धन्यवाद! आपने लिखा है "मान गए। वैसे मुझे उमड़ के बजाय उमङ क्यों दिख रहा है?" ' ङ ' के स्थान पर ' ड़ ' शीघ्र ही ठीक कर लूंगा. बताने के लिये भी धन्यवाद!
    रहा 'अनुभूति ' के यूनिकोडित का प्रश्न, इस का उत्तर तो वे ही दे सकते हैं।
    महावीर शर्मा

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