3.12.07

हिन्दी का एक और डिग

पहले एक हिन्दी के डिग की चर्चा हुई थी, पर लगता है वह डिग अभी गड्ढे खोद खोद कर उन्हीं में सो रहा है। आज एक और मिला, वह है हिन्दी पेपर। बढ़िया है। सारे कोने वेब-२ वाले गोल गोल हैं!

2 टिप्‍पणियां:

  1. फिलहाल तो में इन की स्पैम से परेशान हूँ

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  2. ये लोग रद्दी डाक भेजते हैं? मुझे तो इस लायक भी नहीं समझा! :(

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