29.1.09

ऑन्लाइन समुदायों में बद्तमीज़ी - कारण और निदान

मेरी एक प्रिय मित्र किरण के साथ इस बारे में पहले भी बात हो चुकी थी, मैं हिंदी की दुनिया में इस से परेशान था और वह तेलुगु में। तो अंततः किरण के अनुरोध पर लिख रहा हूँ, हो सकता है औरों के भी काम में यह आए। अफ़सोस कि मेरी तेलुगु इतनी अच्छी नहीं है इसलिए हिंदी में ही लिख रहा हूँ।

 

इस लेख का प्रारूप एक सवाल जवाब के तौर पर है, तो पढ़िए और फिर अपने विचार भी सामने रखिए।

 

मेरा एक चिट्ठा है और उस पर मैं जब भी कुछ लिखता हूँ तो लोग बेहूदी, गंदी टिप्पणियाँ करते हैं। मन करता है कि अपना चिट्ठा बंद कर दूँ। क्या करूँ?

 

आपकी समस्य बहुत आम समस्या है, पर घबराइए नहीं इसका निदान है। सबसे पहले यह देखिए कि क्या आपने जो लिखा है वह आपत्तिजनक तो नहीं? क्या उसमें कोई ऐसी चीज़ है जो आप किसी के घर की बैठक में बैठ के नहीं बोल सकेंगे? यह हुई पहली बात।

 

दूसरी बात, आपके विचारों पर टिप्पणी हो रही है या आप पर? दोनो में फ़र्क करें। केवल विचारों पर की टिप्पणी पर ध्यान दें और आप के ऊपर की टिप्पणी को नज़रंदाज़ करें। यह भी ध्यान दें कि आपके विचारों से असहमति का मतलब यह नहीं है कि आपके साथ बदतमीज़ी की जा रही है। तर्कों और ठोस जानकारी के आधार पर अपने विचारों और विपरीत विचारों की तुलना करके प्रतिक्रिया करें। आप पाएँगे कि "लिखना छोड़ देता हूँ" जैसे विचार आपके पास आने कम हो जाएँगे और लोगों की प्रतिक्रियाओं का आप स्वागत करना शुरू कर देंगे।

 

तीसरी बात, अपने पाठकों को आदरपूर्वक कहिए कि टिप्पणियाँ यह सोच के करें कि आप मेरे घर की बैठक में मुझसे मिलने आए हैं और बात कर रहे हैं। आप पाएँगे कि बेहूदी टिप्पणियों की संख्या ८० फ़ीसदी कम हो गई है।

 

 

मैं एक डाक सूची का सदस्य हूँ और वहाँ पर मैं जब भी कोई सवाल पूछता हूँ तो लोग मेरा मज़ाक उड़ाते हैं। क्या करूँ?

 

तो उड़ाने दें। उन्हें धन्यवाद दें, और कहें कि मुझे अपने सवाल का जवाब अभी भी नहीं मिला है, यदि कोई और दे सकता है तो कृपा होगी। आप पाएँगे कि धीरे धीरे डाक सूची का माहौल बदल गया है।

 

मेरी डाक सूची हिंदी/तेलुगु में है पर लोग अंग्रेज़ी में लिखते हैं। ज़रूरी नहीं कि सबको अंग्रेज़ी समझ आए। ऐसे लोगों पर मुझे बहुत गुस्सा आता है। क्या करूँ?

 

ऐसे लेखों को नज़रंदाज़ कर दें। कुछ लोग दुनिया में अब भी ऐसे हैं जो समझते हैं कि हिंदी या तेलुगु में लिख कर वे दुनिया पर अहसान कर रहे हैं और अंग्रेज़ी सबको आती है, नज़रंदाज़ करना ही सबसे सरल तरीका है। साथ ही प्रत्येक अंग्रेज़ी में लिखे संदेश के एवज में आप दो चार संदेश तेलुगु/हिंदी में भेजें। यही आपका प्रतिशोध है।

 

मैं एक ऑन्लाइन समुदाय (मंच, संकलक, डाक सूची) का संचालक हूँ। मुझे ऐसा लगता है कि कुछ लोग सिर्फ़ लड़ाई करने, गाली गलौज करने ही जाल पर आते हैं। क्या किया जाए?

 

ऐसे लोगों को किसी अच्छे कार्य में लगाने के लिए प्रेरित करें, जैसे कि अनुवाद कार्य, विकिपीडिया में योगदान या किसी बड़ी पुस्तक आदि को ऑन्लाइन प्रकाशित करना। इस प्रकार का व्यवहार यही दर्शाता है कि लोगों को दूसरों के साथ मिल-जुल कर ही संतुष्टि मिलती है, फिर उसके लिए गाली ही क्यों न देनी पड़े। इस संतुष्टि को दूसरी तरह से प्रदान करें, ताकि लोगों को अपने कार्यों से संतुष्टि मिले। इसका एक  बहुत अच्छा उदाहरण है तमिळ ऑन्लाइन जगत् जिसने बहुत  अच्छे अच्छे काम किए हैं। यह भी सोचिए कि आप खुद किसलिए अंतर्जाल पर आते हैं। क्या आपके सामने कोई लक्ष्य हैं?

 

 

 

बस इतना ही। आशा है तेलुगु अनुवाद सरलता से हो जाएगा। अब हम होते हैं नौ दो ग्यारह। आपको कुछ और जोड़ना हो तो टिप्पणियों में कहिएगा। शब्बा खैर।

5 टिप्‍पणियां:

  1. सही कहा। और आज काफी कहने के बाद हुये ९-२-११. अन्यथा एक वाक्य में ही पूरी हो लेती थी पोस्ट!

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  2. मुझे छिंटाकशी करना पसन्द नहीं, मगर यहाँ करने को कहा जाता है, क्या करूँ?

    नजर-अंदाज कर देना सबसे सही सिद्धांत है, वरना न तो असली दुनिया में जी सकते हो, न आभासी में.

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  3. सही है.. ऐसा ही उचित है..

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  4. alok jee,
    yahee to fark hai kisi prabuddh vyakti ke sochne aur karne mein , waise meri to salaah ahi yadi aap is desh mein hain to kai baar bilkul chikne ghade ban jaanaa hee theek hotaa, thande , majboot aur sabkuchh fislaa dene wale.

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  5. ब्लाग दुनिया मॆ ऎ सब आम चीजॆ है..सहना पडता है और आजॆ बढ्ना है

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