31.5.09

अब से अपने नौ दो ग्यारह के लेख सीधे ट्विटर पर भी छपेंगे

यह सिर्फ़ देखने के लिए कि twitter.chitthajagat.in मेरे नए लेख @alok पर छाप पाता है कि वैसे ही नौ दो ग्यारह हो जाता है। हाँ आप तो यही कहेंगे कि इसी बहाने मैंने कुछ लिखा तो सही! पर कमी बहानों की है नहीं। पापी पेट का सवाल है।

3 टिप्‍पणियां:

  1. थाई खाने के बारे में क्या कहना है भाई!

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  2. थाई खाना - हाँ अच्छा है, हिन्दुस्तानी जैसा ही, थोड़ा अधपका, खासतौर पर अगर साथ में बतियाने के लिए बढ़िया लोग हों तो सोने पर सुहागा।

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