क्यूँकि अक्षरग्राम नाम थोड़ा फेंकू है, पङ्कज जी चाहते हैं कि कोई और नाम दिया जाए उसे।
पर नाम क्या रखा जाए?
नुक्कड़?
पान की दुकान?
चौपाल? - इस नाम का स्थल पहले ही है शायद
गप्पोड़ी ?
फ़ट्टेबाज़ ?
दिमाग और काम नहीं कर रहा है।
और सोचेंगे।
इस बीच पता चला है कि आन्ध्र प्रदेश में
डिजिटल सर्टिफ़िकेट मिलने वाले थे। लेकिन पता नहीं तेलुगु देसम की शिकस्त के बाद इसका क्या हश्र होगा।