नौ दो ग्यारह
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गताङ्क से आगे
हिन्दी जालस्थलों की समीक्षा।
24.11.08
कचरे में टिप्पणियाँ डालने का नया कीर्तिमान
वह भी एक दिन में पचास।
और उन्हें नौ दो ग्यारह करने का भी। चलो इस बहाने मैंने कुछ लिखा। अफ़सोस भी हुआ, कि इतने सालों से बे-छींटाकसी वाले लेखों पर १ की संख्या दिखने लगी, पर उसे फिर से सिफ़र पे लाना पड़ा!
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