14.3.05

परख

अब तक कहाँ छुपा था, ठप्पा तो मई 2004 का लगा हुआ है।

2 टिप्‍पणियां:

  1. बेनामी10:46 pm

    नमस्कार नौ दो ग्यारह साहब,
    मालूम होता है कि वेब पर हिन्दी ब्लॉग्ज़ तो काफ़ी सारे हैं, लेकिन क्या कोई चर्चासदर (discussion forum) है जहाँ विचारों की लेनदेन की जाती है हिन्दी में, जिस वेबसाइट पर हिन्दी में टाईप करना इतना आसान किया गया हो कि पचासों लोग वहाँ भाग ले रहे हों? मराठी में मनोगत जैसा..?

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  2. anonymous जी,
    बिल्कुल मनोगत
    जैसा तो नहीं पर कई हैं, जैसे
    अक्षरग्राम,
    मित्र,
    निरन्तर, और ई चर्चा

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