17.3.04

लौ सुनो चियापसल रेडियो

नेपाली व अङ्ग्रेज़ी में बना एक चिट्ठा। समझ तो ज़्यादा नहीं आया, लेकिन स्थल की रचना बहुत ही आकर्षक है। क्यों न हिन्दी का भी ऐसा ही सामूहिक चिट्ठा बनाया जाए?

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