5.7.06

कतई या क़तई?

प्रतीक ने लिखा क़तई और मैंने कहा कतई, फिर उन्होंने कहा कि धर्मवीर भारती जी ठेले पर हिमालय में क़तई लिखते थे। ठीक है, तो सही क्या है?

6 टिप्‍पणियां:

  1. नुक्ते का प्रयोग ही गल्त है. हिन्दी का भला चाहते हो तो नुक्ते से पिण्ड छुड़ा लो. विचार विद्रोही लग सकता हैं, पर हिन्दी के लिए यही उपयोगी होगा.

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  2. यदि नुक्ते का प्रयोग करना हो तो "क़तई" सही है। कारण -- उर्दू में इसे लिखते समय "कीफ़" नहीं, "क़ाफ़" का प्रयोग होता है। वरना, मैं संजय की बात से कुछ हद तक सहमत हूँ। नुक्ता लगाने की बजाय नुक्ता न लगाने से गलती होने की संभावना कम है।

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  3. छोटा-सा सूत्र यह है कि अंग्रेजी में जिसके लिए 'Q' का प्रयोग करते हैं उसके लिए हिन्दी में 'क़' लिखा जाता है। उसी तरह 'Z' के लिए 'ज़' लिखा जाता है। 'उर्दू वर्ड' वाक़ई इस समस्या का समाधान कर देता है।

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  4. दोनों ही सही हैं.

    यदि आपकी वाक्य रचना में उर्दू के लफ़्ज ज्यादा हैं तो आप नुक्ता लगाएँ. यदि हिन्दी के शब्द ज्यादा हैं तो अच्छा हो कि नुक्ता न लगाएँ.

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  5. नुक्ता लगाना है तो लगाओ. जमकर लगाओ. लेकिन किसी जलील भाई को ज़लील मत कर देना भाई.

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